Advocate Dhami ने Sri Anandpur Sahib से जुड़े मामले की जांच रिपोर्ट के फैक्ट्स किए पब्लिक
– सराय के एक कर्मचारी द्वारा रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की बात आई सामने
– जांच से पहले किया गया पॉलिटिकल ट्रायल सिख संस्था को बदनाम करने की साज़िश है – एडवोकेट धामी
अमृतसर, 6 अक्टूबर (विश्व वार्ता): शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा श्री आनंदपुर साहिब से जुड़े मामले की जांच के लिए बनाई गई चार सदस्यों की जांच कमेटी ने आज अपनी शुरुआती रिपोर्ट शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को सौंप दी है। गुरुद्वारा मैनेजमेंट से जुड़े रिकॉर्ड, सराय के रजिस्टर और दूसरे डॉक्यूमेंट्स के आधार पर इस रिपोर्ट में सामने आए फैक्ट्स शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मीडिया के साथ शेयर किए।
इस बारे में मीडिया से बात करते हुए SGPC के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि पुलिस की तरफ से दर्ज FIR की जांच की जा रही है, वहीं SGPC ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डिपार्टमेंटल जांच के लिए एक सब-कमेटी भी बनाई है। जांच के मुताबिक, सच सामने आने से पहले सोशल मीडिया पर पॉलिटिकल ट्रायल चलाना सिख संस्था को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच के दौरान सब-कमेटी ने सरायों के रिकॉर्ड की जांच की, जिसके मुताबिक संबंधित महिला के अलग-अलग गुरुद्वारों के सरायों में अलग-अलग समय पर रुकने की एंट्री हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, महिला ने कमरा लेते समय अलग-अलग समय पर बकाया रकम जमा की थी। उन्होंने कहा कि यह कहना पूरी तरह से गलत है कि SGPC ने महिला को बिना पैसे लिए सराये में कमरा और गाड़ी दी है। Advocate Dhami reveals facts from the inquiry report regarding the Sri Anandpur Sahib matter
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि सराये के इंचार्ज अमरीक सिंह ने रजिस्टर में रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की और बाद में एक्स्ट्रा एंट्री जोड़ दीं। संबंधित रजिस्टर में ऐसा दो बार किया गया। क्योंकि रजिस्टर में सीरियल नंबर पहले से ही आगे चल रहे थे, इसलिए सीरियल नंबरों को भी पिछली जगह पर दर्ज करके छेड़छाड़ की गई। सराय से जुड़े रजिस्टरों का रिकॉर्ड भी शिरोमणि कमेटी के प्रेसिडेंट ने मीडिया के सामने पेश किया। मीडिया के सामने रिकॉर्ड पब्लिक करके उन्होंने दिखाया कि बीबी ने अलग-अलग समय पर श्री आनंदपुर साहिब में डोनेशन देकर कमरा लिया और इस दौरान उनके साथ कई मेंबर सराय में रुके।
इसी तरह, उन्हें श्री अमृतसर में भी सात बार डोनेशन देकर कमरा मिला और गुरुद्वारा श्री अंब साहिब मोहाली में दो बार रुकीं। उन्हें आमतौर पर एक भक्त की तरह कमरा मिलता था, लेकिन इनके अलावा बाकी एंट्री रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करके दर्ज की गई हैं, उसमें लिखी लिखावट भी मौजूदा ऑर्डर से मैच नहीं करती। एडवोकेट धामी ने कहा कि इन दोनों एंट्री की लिखावट की भी जांच रिपोर्ट ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी साज़िश थी, जिसके लिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शिरोमणि कमेटी की धर्म प्रचार कमेटी की तरफ से बीबी को एक लाख रुपये की मदद देने के मामले पर एडवोकेट धामी ने कहा कि शिरोमणि कमेटी समय-समय पर धर्म अर्थ फंड से जरूरतमंदों को मदद देती है। इन-हाउस कमेटी ने बीबी की बीमारी का हवाला देते हुए इलाज के लिए मदद के लिए दी गई अर्जी और मेडिकल डॉक्यूमेंट्स के आधार पर यह मदद रकम मंजूर की थी। जो मेडिकल डॉक्यूमेंट्स अटैच किए गए हैं, वे सरकारी अस्पताल और डिस्पेंसरी के हैं। उन्होंने कहा कि ये धर्म प्रचार कमेटी के नहीं हैं, बल्कि आम तौर पर दी जाने वाली मदद का हिसाब धर्म अर्थ फंड से होता है और ऐसी मदद अक्सर जरूरतमंदों को दी जाती है।
उन्होंने सवाल किया कि आम आदमी पार्टी के स्पोक्सपर्सन बलतेज पन्नू किस हैसियत से चल रही पुलिस जांच के दौरान बीबी के फोन रिकॉर्ड पब्लिक कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ सिख संस्था को जानबूझकर टारगेट करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बलतेज पन्नू के उन आरोपों को भी गलत बताया कि वह बीबी के श्री आनंदपुर साहिब में रहने से पहले उनसे मिले थे और उन्होंने अमरजीत सिंह चावला को इस बारे में बताया था। एडवोकेट धामी ने कहा कि यह बिल्कुल गलत है और उन्हें अपनी जान भगवान को सौंपनी है। इसलिए जो लोग आरोप लगाते हैं, उन्हें कैरेक्टर एसेसिनेशन बंद कर देना चाहिए, क्योंकि ऐसी भाषा बोलना मेरे स्वभाव का हिस्सा नहीं है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है, जिसकी पूरी सच्चाई संगत के सामने आना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के किसी का कैरेक्टर एसेसिनेशन किसी भी तरह से सही नहीं है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी एक पंथक संस्था है, किसी भी व्यक्ति की कमियों या गलतियों के आधार पर पूरी संस्था को टारगेट करना सिख समुदाय के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए, इसीलिए उन्होंने CBI की मांग की थी, जिसके लिए वह इसे फिर से दोहरा रहे हैं।
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