Punjab में सितंबर 2026 के दौरान शुद्ध जीएसटी प्राप्ति में 22.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज: Harpal Singh Cheema
कुल जीएसटी संग्रह में 17.39 प्रतिशत वृद्धि, एसजीएसटी नकद संग्रह में 19 प्रतिशत वृद्धि देश में सर्वाधिक: हरपाल सिंह चीमा
सितंबर 2026 में वैट एवं सीएसटी प्राप्ति में 28.70 प्रतिशत की वृद्धि: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ 01 अक्तूबर, 2026 (विश्ववार्ता) पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि राज्य ने सितंबर 2026 के दौरान शुद्ध जीएसटी प्राप्ति में वर्ष-दर-वर्ष 22.11 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। राज्य की शुद्ध जीएसटी प्राप्ति सितंबर 2025 में 1,973.12 करोड़ रुपये से बढ़कर सितंबर 2026 में 2,409.47 करोड़ रुपये हो गई, जिससे 436.35 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।
यहां जारी एक प्रेस बयान में राजस्व प्रदर्शन का विवरण देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “एसजीएसटी नकद संग्रह 738.05 करोड़ रुपये से बढ़कर 877.82 करोड़ रुपये हो गया, जिससे 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जो देश में सर्वाधिक है। सितंबर 2026 तक कुल जीएसटी संग्रह 15,405.12 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 13,112.27 करोड़ रुपये था। इस प्रकार कुल जीएसटी संग्रह में 17.39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।”
अन्य प्रमुख करों के प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि सितंबर के दौरान वैट एवं सीएसटी संग्रह में 28.70 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह सितंबर 2025 के 577.11 करोड़ रुपये से बढ़कर सितंबर 2026 में 742.75 करोड़ रुपये हो गया। कुल मिलाकर, वैट एवं सीएसटी संग्रह 4,558.48 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 3,982.43 करोड़ रुपये था। इस प्रकार 576.05 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 14.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सितंबर 2026 के जारी तुलनात्मक जीएसटी आंकड़ों का हवाला देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस महीने के दौरान पंजाब के जीएसटी राजस्व में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि अखिल भारतीय स्तर पर यह वृद्धि 14 प्रतिशत रही। उन्होंने आगे कहा कि एसजीएसटी नकद संग्रह में पंजाब की वृद्धि 19 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि केवल 8 प्रतिशत रही।
वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि राजस्व संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ आबकारी एवं कराधान विभाग ने सितंबर के दौरान खुफिया जानकारी आधारित प्रवर्तन तथा कर चोरी विरोधी कार्रवाइयों में भी तेजी लाई। इन कार्रवाइयों के तहत महीने के दौरान लगभग 142 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन कार्रवाई मुख्य रूप से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), फर्जी बिलिंग, बिना आवश्यक दस्तावेजों के माल की आवाजाही तथा उच्च जोखिम वाले औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गलियारों पर केंद्रित रही।
महीने के दौरान की गई कुछ प्रमुख कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मैसर्स जगत मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड, मंडी गोबिंदगढ़ के विरुद्ध की गई कार्रवाई में लगभग 22.53 करोड़ रुपये के संदिग्ध आईटीसी के गलत इस्तेमाल का पता चला। इसके बाद करदाता ने कार्रवाई के दौरान 9.50 करोड़ रुपये एसजीएसटी के रूप में नकद जमा करवाए।
उन्होंने कहा, “एक अन्य बड़े राज्यव्यापी सड़क जांच अभियान के दौरान 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के लौह स्क्रैप तथा लौह एवं इस्पात उत्पाद ले जा रहे 332 वाहनों को हिरासत में लिया गया। इन वाहनों के संबंध में की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक जुर्माने के रूप में 5.07 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। चूंकि लगभग आधे वाहनों के संबंध में कार्रवाई अभी लंबित है, इसलिए जुर्माने की राशि में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है और यह अब तक वसूल की गई राशि से दोगुनी तक हो सकती है।”
प्रवर्तन गतिविधियों को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि कर चोरी का पता लगाने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित विश्लेषण, खुफिया जानकारी और समन्वित क्षेत्रीय प्रवर्तन का इस्तेमाल लगातार जारी रहेगा, साथ ही अनुपालन करने वाले करदाताओं को सुविधा प्रदान करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभाग फर्जी आईटीसी श्रृंखलाओं, फर्जी बिलिंग नेटवर्कों तथा आवश्यक दस्तावेजों के बिना माल की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखेगा और कानून के प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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