नई दिल्ली: , 28 सिंतबर, 2026 (विश्ववार्ता)सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ₹2 हजार से अधिक राशि वाले चुनिंदा UPI मर्चेंट लेनदेन पर ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (MDR) लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत नई UPI शुल्क व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस संबंध में पीटीआई ने खबर दी है।UPI लेनदेन पर MDR लागू करने का फैसला 15 सितंबर को घोषित किया गया था। MDR वह शुल्क है, जो डिजिटल लेनदेन को सुचारू बनाने में मदद करने वाली संस्थाओं—जैसे बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और थर्ड-पार्टी ऐप्स—को व्यापारी भुगतान करते हैं। upi transactions charges supreme court notice to centre rbi and npciनई शुल्क व्यवस्था के तहत, यदि किसी व्यापारी को ₹2 हजार से अधिक का UPI भुगतान किया जाता है, तो उस लेनदेन पर 0.4% की दर से MDR लगाया जाएगा। यह खर्च ‘मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम’ के अंतर्गत रखा जाएगा और UPI के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों पर इसका कोई प्रत्यक्ष आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुल्क व्यवस्था पर रोक लगाने से इनकार किए जाने के बाद नई UPI शुल्क व्यवस्था को लेकर व्यापारियों की चिंताएं बनी हुई हैं। हालांकि, सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस शुल्क का भार UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा।
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