Arvind Kejriwal ने मोदी सरकार को दी चुनौती , E-20 पर कोई रिसर्च रिपोर्ट हो तो उसे सार्वजनिक करें
जैसे मोदी सरकार ने बिना साइंटिफिक स्टडी के E-20 लागू किया, वैसे ही वह E-50 भी लागू करेगी- केजरीवाल
मोदी जी ट्रंप के दबाव में, सारे साइंटिफिक सबूतों के खिलाफ जाकर देश पर जबरन इथेनॉल थोप रहे हैं- केजरीवाल
प्रधानमंत्री ने कभी साइंस, इंजीनियरिंग या रिसर्च को नहीं माना, वह सिर्फ अपना छिपा हुआ एजेंडा पूरा करते हैं- केजरीवाल
सरकार डीजल में भी मिलावट करने जा रही है, इसलिए कुछ सालों तक नई पेट्रोल-डीजल गाड़ियां खरीदने से बचें- केजरीवाल
दिल्ली, 7 अगस्त, 2026 (विश्ववार्ता) आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार को चुनौती दी है कि E-20 लागू करने से पहले कोई साइंटिफिक रिसर्च रिपोर्ट सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बिना साइंटिफिक स्टडी के E-20 लागू किया, अब ये लोग E-50 भी लागू करेंगे। जो लोग इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें धमकाकर चुप कराया जा रहा है। इसकी असली वजह यह है कि मोदी जी ट्रंप के दबाव में हैं और इसी वजह से सारे साइंटिफिक सबूतों के खिलाफ जाकर देश पर जबरन इथेनॉल थोप रहे हैं। मोदी जी ने कभी साइंस, इंजीनियरिंग या रिसर्च की इज्ज़त नहीं की। वह सिर्फ़ अपना छिपा हुआ एजेंडा पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार डीज़ल में भी मिलावट करने जा रही है। इसलिए लोगों को कुछ सालों तक नई पेट्रोल और डीज़ल गाड़ियां खरीदने से बचना चाहिए। Kejriwal challenges Modi government
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारत सरकार ने साफ़ कर दिया है कि पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंड को E-20 से आगे बढ़ाने का अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है। अगर भविष्य में कभी ऐसा कोई प्रपोज़ल आता है, तो वह पूरी साइंटिफिक स्टडी, टेक्निकल टेस्ट और गाड़ी बनाने वाली कंपनियों, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से सलाह-मशविरा करने के बाद ही होगा। E-20 कोई जल्दबाज़ी में लिया गया फ़ैसला नहीं है। भारत का इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम दो दशकों से ज़्यादा समय से धीरे-धीरे आगे बढ़ा है। E-20 को लागू करने से पहले सभी स्टेकहोल्डर्स से पूरी टेस्टिंग और सलाह-मशविरा किया गया था।
अरविंद केजरीवाल ने BJP नेता अमित मालवीय पर पलटवार करते हुए कहा कि आप खुद कह रहे हैं कि पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंड को E-20 से आगे बढ़ाने का “अभी” कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है। आप माहौल ठंडा होने का इंतज़ार कर रहे हैं। जैसे ही माहौल ठंडा होगा, आप इसे लागू कर देंगे। मुझे खुशी है कि आपने मान लिया है कि अभी फैसला नहीं हुआ है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे E-20 को बिना किसी साइंटिफिक स्टडी के लागू किया गया, किसी की नहीं सुनी गई, सबको डरा-धमकाकर चुप करा दिया गया, वैसे ही आप E-50 भी लागू करेंगे। यह आपके काम करने का तरीका है। आप साइंस, इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग में कहां विश्वास करते हैं। अगर आपने E-20 लागू करने से पहले कोई स्टडी की है, तो उसकी रिपोर्ट पब्लिक क्यों नहीं करते? आप उसे क्यों छिपा रहे हैं?
अरविंद केजरीवाल ने X पर कहा कि मोदी सरकार का क्या प्लान है? पता चल रहा है कि पेट्रोल में 50 परसेंट से ज़्यादा मिलावट होगी। अब वे बस हालात शांत होने का इंतज़ार कर रहे हैं। पहले उन्होंने आपकी E-0 और E-10 गाड़ियों में ज़बरदस्ती E-20 पेट्रोल भरकर उन्हें कबाड़ बना दिया। आज अगर आप नई E-20 गाड़ी खरीदते हैं, तो सरकार कुछ दिनों बाद उसमें ज़बरदस्ती E-50 पेट्रोल भरकर उसे कबाड़ बना देगी। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही डीज़ल में भी मिलावट करने वाली है। इसलिए अगले कुछ सालों तक आपको नई पेट्रोल और डीज़ल गाड़ियां खरीदने से बचना चाहिए। Arvind Kejriwal
एक और पोस्ट में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने SIAM को अपनी रिपोर्ट वापस लेने के लिए मजबूर किया। यह मोदी जी का खास गुंडा स्टाइल है। मोदी जी ने कभी साइंस, इंजीनियरिंग या रिसर्च की इज्ज़त नहीं की, वह सिर्फ अपना छिपा हुआ एजेंडा पूरा करते हैं। मोदी जी पर ट्रंप का अमेरिका से इथेनॉल खरीदने का दबाव है। उस दबाव को झेल नहीं पाने के कारण, वे सभी साइंटिफिक सबूतों के खिलाफ जाकर पूरे देश पर ज़बरदस्ती इथेनॉल थोप रहे हैं।
मोदी सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल में भी इथेनॉल मिलाने की प्लानिंग कर रही है – केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सूत्रों से पता चला है कि मोदी सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में भी इथेनॉल मिलाने की प्लानिंग कर रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे फ्लाइट सेफ्टी को गंभीर खतरा हो सकता है।
और खबरें पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें: https://wishavwarta.in/





















