
Punjab and Haryana High Court ने जजों के लिए AI के इस्तेमाल पर लगाई रोक
– जजों को ChatGPT और Gemini से दूर रहने का निर्देश
– AI टूल्स के इस्तेमाल पर कार्रवाई होगी
चंडीगढ़, 7 अप्रैल, (विश्व वार्ता) एक अहम और कड़े फैसले में, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में काम करने वाले ज्यूडिशियल अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल न करने के निर्देश जारी किए हैं। हाई कोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से डिस्ट्रिक्ट और सेशन जजों को भेजे गए एक ऑफिशियल लेटर में साफ कहा गया है कि कोई भी ज्यूडिशियल अधिकारी फैसले लिखने या लीगल रिसर्च करने के लिए AI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करेगा। हाई कोर्ट के ऑर्डर में खास तौर पर ChatGPT, Gemini और इसी तरह की दूसरी टेक्नोलॉजी का जिक्र करते हुए कहा गया है कि ये टूल्स ज्यूडिशियल काम के लिए सही नहीं हैं। ऑर्डर में यह भी चेतावनी दी गई है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। Punjab and Haryana High Court
चीफ जस्टिस की तरफ से जारी इस निर्देश का मकसद ज्यूडिशियल प्रोसेस की ट्रांसपेरेंसी, क्रेडिबिलिटी और इंसानी फैसले को बनाए रखना बताया जा रहा है। हाल ही में AI टूल्स के इस्तेमाल में बढ़ोतरी को देखते हुए, इस बात की चिंता थी कि ज्यूडिशियल फैसलों की ओरिजिनैलिटी और लीगल एक्यूरेसी से कॉम्प्रोमाइज हो सकता है। इसी बैकग्राउंड में यह कदम उठाया गया है। इससे पहले, कई बेंच ने डिस्ट्रिक्ट जजों के AI का इस्तेमाल करके लिखे गए फैसलों पर सवाल उठाए हैं। गुजरात हाई कोर्ट ने पहले भी ऐसी ही पॉलिसी लागू की थी, जिसमें जजों और कोर्ट स्टाफ से ऑर्डर ड्राफ्ट करने, फैसले तैयार करने या कोई भी न्यायिक काम करने में AI का इस्तेमाल न करने की अपील की गई थी।
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