
Kalagram शराब ठेका बना घोटाले का अड्डा ? — Mayor Saurabh Joshi ने शुरू करवाई हाई-लेवल जांच
70–80 लाख का घोटाला उजागर? — कालाग्राम शराब ठेका मामले में मेयर सौरभ जोशी का बड़ा एक्शन
जनता के पैसे की लूट नहीं चलेगी” — कालाग्राम शराब ठेका विवाद पर मेयर जोशी का सख्त प्रहार
देरी, बकाया और विवादित कब्जा — मेयर जोशी का सख्त रुख, लापरवाही पर कोई रहम नहीं
———————————————
चंडीगढ़, 18 मार्च, (विश्व वार्ता)Kalagram liquor fraud जनता के पैसे की रक्षा के लिए कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाते हुए चंडीगढ़ के Mayor Saurabh Joshiने कालाग्राम के पास स्थित शराब ठेके में हुई गंभीर अनियमितताओं पर तुरंत और समयबद्ध जांच के आदेश दिए हैं। इस पूरे मामले में देरी, लापरवाही और राजस्व हानि की गंभीर स्थिति सामने आई है, जिसके कारण नगर निगम को लगभग ₹70–80 लाख का नुकसान होने का अनुमान है। मेयर ने इसे “गंभीर प्रशासनिक विफलता” बताते हुए तत्काल जवाबदेही तय करने की बात कही है।
मेयर ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई स्तरों पर हुई लापरवाही के कारण लीज एग्रीमेंट समय पर निष्पादित नहीं हो सका, जिससे जनता के खजाने को सीधा नुकसान हुआ। स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब संबंधित ठेका अभी भी पुराने लाइसेंसी के कब्जे में है, जिसके कारण वर्ष 2026–27 के सफल आवंटी को विधिवत कब्जा नहीं मिल पा रहा है। यह लंबी देरी न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए आबकारी विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड से यह भी सामने आया है कि कई महीनों का किराया और जीएसटी अभी तक जमा नहीं किया गया है, जबकि विभाग द्वारा बार-बार नोटिस जारी किए गए थे। इससे स्पष्ट होता है कि विभागों के बीच समन्वय और समय पर कार्रवाई में गंभीर कमी रही है, जिसके कारण यह वित्तीय नुकसान हुआ।
सख्त रुख अपनाते हुए मेयर सौरभ जोशी ने संयुक्त आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि 3 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि बिना किसी पक्षपात के जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मेयर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि लीज में हुई देरी की विस्तृत जांच की जाए, सभी जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाए, ठेके की कानूनी व कब्जा स्थिति की पूरी समीक्षा की जाए तथा नगर निगम को हुए वास्तविक वित्तीय नुकसान का सटीक आकलन किया जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस प्रणालीगत सुधार लागू किए जाएं। bhagwant mann government
कड़ा संदेश देते हुए मेयर ने कहा,
“जनता का पैसा पवित्र है। लापरवाही, देरी या प्रशासनिक विफलता के कारण एक भी रुपया नुकसान होने नहीं दिया जाएगा। दोषियों को हर हाल में जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में ATR प्रस्तुत नहीं की जाती है तो मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अंत में मेयर ने दोहराया कि चंडीगढ़ की पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की छवि को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा और जनता के धन की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।Kalagram liquor fraud
अधिक समाचार पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें: www.wishavwarta.in























