Cricket Controversy: अगर क्रिकेट मैच खेला जा सकता है, तो श्रद्धालु करतारपुर में मत्था टेकने क्यों नहीं जा सकते? -Punjab CM Bhagwant Mann
चंडीगढ़, 16 सितंबर, 2025 (विश्व वार्ता) – पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच (क्रिकेट विवाद) को हरी झंडी दे दी जाती है, लेकिन श्रद्धालुओं को श्री करतारपुर साहिब और श्री ननकाना साहिब में मत्था टेकने से रोका जाता है। श्री करतारपुर साहिब और श्री ननकाना साहिब हमारे तीर्थस्थल हैं… जिनसे लोगों की आस्था और भावनाएँ जुड़ी हैं… अगर हम पाकिस्तान के साथ मैच खेल सकते हैं, तो हम मत्था टेकने क्यों नहीं जा सकते? पंजाबियों के साथ भाजपा का पाखंड क्यों?
: If a cricket match can be played, then why can’t devotees go to Kartarpur to pay obeisance? – Bhagwant Mann
यह रवैया अब पंजाबियों को आहत कर रहा है। सीएम मान ने कहा- लाइव क्रिकेट मैच हो सकता है, टीवी पर पाकिस्तान दिखाया जा सकता है, लेकिन भक्ति का मार्ग क्यों बंद है?
Cricket Controversy श्री गुरु नानक देव जी की धरती को नमन करना राजनीति नहीं, बल्कि पंजाब की आत्मा है। भक्ति बंद करो और मैच कराओ – यह दोहरा मापदंड है। मान ने कहा कि कभी पाकिस्तानी कलाकारों की वजह से फिल्मों को रोक दिया जाता है, उन्हें देशद्रोही कहा जाता है, और दूसरी तरफ पाकिस्तान के साथ मैच को देशभक्ति का उत्सव बताया जाता है।
Cricket Controversy उन्होंने पूछा – “प्रधानमंत्री कहते हैं कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, तो क्रिकेट का मैदान क्यों खुला है? श्रद्धालुओं के लिए दरवाजे क्यों बंद कर दिए गए?” मान ने कहा, “धर्म के द्वार पर न व्यापार होता है, न राजनीति – केवल भक्ति और सेवा होती है।”
मान ने कहा कि जब पंजाब बाढ़ से जूझ रहा था, तब केंद्र सरकार सिर्फ़ बयानबाज़ी करती रही, जबकि मान सरकार ने 2300 गाँवों में सफ़ाई और चिकित्सा दल भेजे। उन्होंने कहा कि संकट के समय अफ़ग़ानिस्तान को तुरंत मदद भेजी जाती है, लेकिन पंजाब को राहत के नाम पर सिर्फ़ आश्वासन मिलता है। 1600 करोड़ रुपये की घोषणा की गई, लेकिन आज तक एक भी रुपया नहीं मिला।” पंजाब को सज़ा इसलिए मिल रही है क्योंकि सरकार आपकी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा – “केंद्र सरकार पंजाब से बदला ले रही है। जैसे अगर सरकार उनके मुताबिक काम नहीं करती, तो उसे सज़ा दी जाती है, मदद रोक दी जाती है, विकास योजनाओं में बाधा डाली जाती है और अब तो भक्ति के रास्ते भी बंद कर दिए गए हैं।”
मुख्यमंत्री ने सुनील जाखड़ और रवनीत बिट्टू समेत भाजपा नेताओं को चुनौती दी कि वे प्रधानमंत्री से पूछें – “करतारपुर साहिब कॉरिडोर और श्री ननकाना साहिब जाने पर प्रतिबंध क्यों है? अगर क्रिकेट खेला जा सकता है, तो श्रद्धालुओं को गुरु की समाधि पर माथा टेकने की अनुमति क्यों नहीं है?”
मान ने कहा कि पंजाब की धरती ने भगत सिंह और करतार सिंह सराभा जैसे शहीद दिए हैं। यह धरती कभी झुकती नहीं। “पंजाबियों की आस्था को चुनौती मत दो। करतारपुर साहिब और ननकाना साहिब समझौते की धरती नहीं, हमारे दिल का हिस्सा हैं। क्रिकेट इंतज़ार कर सकता है, राजनीति भी – लेकिन भक्ति नहीं।” मान ने कहा कि यह सरकार सिर्फ़ भाषण नहीं देती, ज़मीन पर काम करती है। यही फ़र्क़ है जब सरकार आम आदमी की होती है।
























