Punjab के flood पीड़ितों की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उदारता दिखाएं: Barinder Kumar Goyal
केंद्र सरकार पंजाब को बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवज़े के रूप में कम से कम 25 हज़ार करोड़ रुपये तत्काल जारी करे: बरिंदर कुमार गोयल
कहा, केंद्र सरकार 60 हज़ार करोड़ रुपये का बकाया भी तुरंत जारी करे
देश को आत्मनिर्भर बनाने में पंजाब का महत्वपूर्ण योगदान, अब पंजाब की मदद करने का समय: कैबिनेट मंत्री
चंडीगढ, 8 सिंतबर (विश्ववार्ता) Punjab News”: जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज प्रदेश के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उदारता दिखाने की अपील की है।
यहाँ पंजाब भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए गोयल ने बाढ़ की स्थिति के मद्देनज़र देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित पंजाब दौरे के लिए उनका स्वागत करते हुए कहा कि वे पंजाब को बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवज़े के रूप में कम से कम 25 हज़ार करोड़ रुपये तत्काल जारी करने की घोषणा करें। इसके अलावा केंद्र सरकार के पास पहले से बकाया 60 हज़ार करोड़ रुपये भी तुरंत जारी किए जाएं।
उन्होंने कहा कि निसंदेह प्रधानमंत्री बाढ़ आने के 25 दिन बाद पंजाब का दौरा करने वाले हैं, लेकिन इस संबंध में अब तक उन्होंने एक भी शब्द नहीं कहा।
गोयल ने बताया कि प्रारंभिक आकलनों के अनुसार लगभग 4 लाख एकड़ की फ़सलें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि जल संसाधन विभाग के धुसी बाँध कहीं नहीं टूटे, लेकिन पानी के ओवरफ्लो होने के कारण नुकसान वाले बाँधों और अन्य नुकसान को ठीक करने के लिए पानी उतरने के बाद बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जाने हैं, उनके लिए भी फंड की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि सड़कों के टूटने के कारण मंडी बोर्ड को भी भारी नुकसान हुआ है। इसी तरह स्कूलों और कॉलेजों की लगभग 3300 इमारतें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा बिजली के हज़ारों खंभे गिर गए व ट्रांसफॉर्मर पानी में डूब गए हैं, इन नुकसानों की भरपाई के लिए तुरंत फंड की ज़रूरत है।
Prime Minister Narendra Modi show generosity to help the flood victims of Punjab: Barinder Kumar Goyal
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के साथ केंद्र सरकार द्वारा लगातार भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों को प्राकृतिक आपदाओं के समय तुरंत विशेष पैकेज की घोषणा की जाती है, लेकिन पंजाब के संबंध में केंद्र सरकार अब तक सिर्फ टीमों के जरिये रिपोर्टें ही हासिल कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान के भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए तो राहत सामग्री तुरंत भेज दी, लेकिन पंजाब के लिए अब तक केंद्र सरकार ने कुछ नहीं किया।
Barinder Kumar Goyal ने कहा कि देश भर की सामाज-सेवी संस्थाएं पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद लगातार कर रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार अब तक रिपोर्टें ही इकट्ठा करने में ही व्यस्त है जबकि प्रदेश की पूरी त्रासदी पूरी दुनिया के सामने है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पिछले दिनों बाढ़ का जायज़ा लेने के लिए पंजाब दौरे के बाद बाढ़ के लिए माइनिंग को कारण बताने संबंधी दिए गए बेबुनियाद बयान से प्रदेश के जख्मों पर नमक ही छिड़का गया है।
एक सवाल के जवाब में Barinder Kumar Goyal ने बताया कि पंजाब सरकार के पास इस समय आपदा प्रबंधन फंड में 13 हज़ार करोड़ रुपये हैं, लेकिन केंद्र सरकार की शर्तों के कारण प्रदेश सरकार को यह पैसा खर्च करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह आपदा प्रबंधन फंड संबंधी नियमों में ढील दे ताकि प्रदेशवासियों का भला हो सके।
केंद्र के पंजाब के प्रति पक्षपाती रवैये के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में पोटाश मिलने के बाद भी केंद्र सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि नज़दीकी राज्य राजस्थान में पोटाश मिलने पर केंद्र ने 150 स्थानों पर ड्रिलिंग की और आक्शन भी की पर पंजाब में महज़ नौ स्थानों पर ही ड्रिलिंग की गई। उन्होंने कहा कि महीने पहले इस संबंध में वे केंद्रीय मंत्री से भी मिले थे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आपदा फंड में से फ़सल ख़राबी के लिए राज्यों को महज़ 8200 रूपये प्रति एकड़ देने के लिए पाबंद किया गया है, जो बेहद नगण्य राशि है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पुनः अपील की कि डिजास्टर फंड का पैसा प्रदेश सरकार को उपयोग करने का अधिकार दिया जाए, क्योंकि राज्यों को ज़मीनी हकीकत का ज़्यादा पता होता है।
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