
भारत की बेटी सुनीता विलियम्स रचने जा रही हैं इतिहास
आज अंतरिक्ष यान में भरेंगी उड़ान,सुनाती विलियम्स के नाम दर्ज है खास रिकॉर्ड
चंडीगढ़, 1 जून (विश्ववार्ता): भारतीय-अमरीकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स कल एक बार फिर अंतरिक्ष में उड़ान भरेंगी। यह उड़ान बोइंग स्टारलाइनर मिशन के पहले सदस्यों के साथ अंतरिक्ष में जाएगी। वे अत्यंत प्रतीक्षित अंतरिक्ष के स्टारलाइनर में वापसी करेंगी जब बोइंग अंतरिक्ष यान पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान भर रहा होगा।
विलियम्स के साथ नासा अंतरिक्ष केंद्र की एक साथी बैरी बुच विलमोर भी उड़ान परीक्षण मिशन के सदस्यों में शामिल होंगी। अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर भारतीय समय के अनुसार कल सवेरे उड़ान भरेंगी। दोनों अंतरिक्ष यात्री यूनाइटेड लांच एलायंस, फ्लोरिडा में केप केनेवरल अंतरिक्ष बल स्टेशन से एटलस वी रॉकेट से अंतरिक्ष में उड़ान की शुरुआत करेंगी।
यह मिशन नियमित चालक दल के बारी-बारी से अंतरिक्ष में प्रयोगशाला के लिए स्टारलाइनर प्रणाली के प्रमाणन के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।
सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में रिकॉर्ड 322 दिन बिता चुकी हैं और उनके पास सबसे ज्यादा घंटे तक स्पेसवॉक करने वाली महिला वैज्ञानिक होने का रिकॉर्ड है। विलियम्स पहली बार 9 दिसंबर 2006 को अंतरिक्ष में गईं थी और 22 जून 2007 तक अंतरिक्ष में रहीं थी। सुनिता विलियम्स ने चार बार रिकॉर्ड 29 घंटे और 17 मिनट तक स्पेसवॉक किया था। इसके बाद सुनीता विलियम्स 14 जुलाई 2012 को दूसरी बार अंतरिक्षयात्रा पर गईं और 18 नवंबर 2012 तक अंतरिक्ष में रहीं थी। 59 वर्षीय सुनीता विलियम्स ने बताया कि उड़ान से पहले वह थोड़ी नर्वस थीं, लेकिन साथ ही नए अंतरिक्षयान में उड़ान को लेकर वह उत्साहित भी थीं। विलियम्स ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन उनके लिए दूसरे घर जैसा है।
बता दें कि सुनीता विलियम्स तीसरी बार अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली है। इसी के साथ उनके पास न्यू स्पेस शटल के पहले चालक दल वाले मिशन पर उड़ान भरने वाली पहली महिला के रूप में इतिहास रचने का मौका है। सुनीता ने बताया कि वह थोड़ी सी घबराई हुई हैं, लेकिन नए अंतरिक्ष यान में उड़ान भरने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने आगे कहा, “जब मैं अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचूंगी, तो यह घर वापस जाने जैसा होगा।” 59 वर्षीय सुनीता ने स्टारलाइल को डिजाइन करने में इंजीनियरों की मदद की। इस 10 दिन के मिशन में स्टारलाइनर को अपनी अंतरिक्ष योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा। इसी के आधार पर उसे नासा प्रमाणन दिया जाएगा।